एमपी टीईटी सिलेबस 2026- मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) द्वारा 17 अगस्त को मध्य प्रदेश में कार्यरत शिक्षकों के लिए मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MP TET) 2026 अधिसूचना जारी की गई है। अधिसूचना के साथ एमपी टीईटी सिलेबस 2026 और एमपी टीईटी परीक्षा पैटर्न 2026 भी जारी की गई है। अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट या इस लेख से भी एमपी टेट सिलेबस 2026 और टेट परीक्षा पैटर्न पीडीएफ प्रारूप में डाउनलोड कर सकते हैं। एमपी टीईटी 2026 की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा का सिलेबस और पैटर्न समझना बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे प्रश्नों की प्रकृति और अंक-विभाजन की स्पष्ट जानकारी मिलती है। अभ्यर्थियों को तैयारी शुरू करने से पहले आधिकारिक एमपी टेट सिलेबस 2026 के अनुसार विषयवार अध्ययन योजना तैयार करनी चाहिए।
एमपी टीईटी आवेदन पत्र भरने की पूरी जानकारी और अप्लाई लिंक । एमपी टीईटी प्रश्न पत्र 2026
This Story also Contains
एमपी टीईटी वर्ग 2 (प्राथमिक शिक्षक) और वर्ग 3 (माध्यमिक शिक्षक) के लिए एमपी टेट सिलेबस शिक्षक वर्ग एवं संबंधित विषय के अनुसार अलग-अलग होता है। परीक्षा में सामान्य शैक्षणिक ज्ञान, बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र, भाषा, सामान्य ज्ञान तथा संबंधित विषय से जुड़े प्रश्न शामिल किए जाएंगे। विषयवार एमपी टीईटी पाठ्यक्रम को समझकर महत्वपूर्ण अध्यायों की पहचान करना, नियमित रूप से वस्तुनिष्ठ प्रश्नों का अभ्यास करना और पिछले प्रश्नपत्रों को हल करना तैयारी को बेहतर बनाने में सहायक होता है। साथ ही, परीक्षा पैटर्न की जानकारी से अभ्यर्थी प्रश्नों की संख्या, अंक, समय-सीमा और परीक्षा की प्रकृति के अनुसार अपनी रणनीति बना सकते हैं।
एमपी पटवारी भर्ती अधिसूचना 2026 देखें
एमपी पीईटी परीक्षा प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की पात्रता और विषयगत दक्षता के आकलन के लिए आयोजित की जाएगी। एमपी टीईटी 2026 में सफलता के लिए सिलेबस को छोटे-छोटे भागों में बांटकर नियमित अध्ययन, रिवीजन और मॉक टेस्ट का अभ्यास करना उपयोगी रहेगा। अभ्यर्थियों को अपने संबंधित विषय के साथ शिक्षण-अधिगम एवं बाल मनोविज्ञान से जुड़े महत्वपूर्ण टॉपिक्स पर भी पर्याप्त ध्यान देना चाहिए। एमपी टीईटी सिलेबस 2026, एमपी टीईटी वर्ग 2,3 परीक्षा पैटर्न के बारे में पूरी जानकारी के लिए लेख विस्तार से पढ़िए।
मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) की शिक्षक पात्रता परीक्षाओं में प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक वर्ग के लिए संबंधित स्तर और विषय के अनुसार पाठ्यक्रम निर्धारित किया गया है। अभ्यर्थियों को परीक्षा की तैयारी शुरू करने से पहले विषयवार सिलेबस, प्रश्नों की प्रकृति और परीक्षा की संरचना को समझना चाहिए। MPESB की आधिकारिक नियम-पुस्तिकाओं में पात्रता परीक्षा से संबंधित पाठ्यक्रम एवं परीक्षा संबंधी निर्देश उपलब्ध कराए गए हैं। नीचे अवलोकन देखिए।
विवरण | एमपी टीईटी 2026 |
परीक्षा का नाम | मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MP TET) |
आयोजक संस्था | मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) |
परीक्षा का उद्देश्य | कार्यरत शिक्षकों के लिए पात्रता निर्धारित करना |
शिक्षक वर्ग | प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर |
परीक्षा का माध्यम | हिन्दी/अंग्रेजी |
प्रश्नों का प्रकार | वस्तुनिष्ठ/बहुविकल्पीय प्रश्न |
आधिकारिक वेबसाइट | esb.mp.gov.in |
मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) द्वारा आयोजित प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा की तैयारी के लिए परीक्षा पैटर्न और विषयवार सिलेबस को समझना बेहद जरूरी है। उपलब्ध परीक्षा योजना के अनुसार परीक्षा में 150 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे और प्रत्येक प्रश्न एक अंक का होगा। परीक्षा की अवधि 2 घंटे 30 मिनट निर्धारित है तथा इसमें निगेटिव मार्किंग नहीं होगी। नीचे परीक्षा पैटर्न और विस्तृत सिलेबस सारणी में दिया गया है।
एमपी टीईटी सिलेबस और परीक्षा पैटर्न 2026- प्राथमिक पीडीएफ लिंक

परीक्षा का घटक | विवरण |
आयोजक संस्था | मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB), भोपाल |
परीक्षा का प्रकार | शिक्षक पात्रता परीक्षा |
कुल प्रश्न | 150 बहुविकल्पीय प्रश्न |
कुल अंक | 150 अंक |
परीक्षा अवधि | 2 घंटे 30 मिनट (150 मिनट) |
प्रत्येक प्रश्न | 1 अंक |
निगेटिव मार्किंग | नहीं |
प्रश्नों की प्रकृति | वस्तुनिष्ठ/बहुविकल्पीय |
कठिनाई स्तर | कक्षा 1 से 5 के प्रचलित पाठ्यक्रम पर आधारित, हाईस्कूल स्तर तक संबद्धता |
कुल भाग | 5 |
भाषा-1 | आवेदन के समय अभ्यर्थी द्वारा चुनी गई भाषा |
भाषा-2 | हिन्दी/अंग्रेजी/संस्कृत/उर्दू में से भाषा-1 से अलग भाषा |
भाग | विषय | प्रश्न | अंक |
I | बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र | 30 | 30 |
II | भाषा-1 | 30 | 30 |
III | भाषा-2 | 30 | 30 |
IV | गणित | 30 | 30 |
V | पर्यावरण अध्ययन | 30 | 30 |
कुल | सभी विषय | 150 | 150 |
सिलेबस भाग | प्रमुख टॉपिक्स | प्रश्न |
बाल विकास | बाल विकास की अवधारणा, अधिगम से संबंध, विकास के सिद्धांत एवं प्रभावित करने वाले कारक, मानसिक स्वास्थ्य, व्यवहार संबंधी समस्याएं, वंशानुक्रम एवं वातावरण, समाजीकरण, शिक्षक-अभिभावक-सहपाठी की भूमिका | 15 |
बाल विकास के सिद्धांत | पियाजे, पावलव, कोहलर एवं थार्नडाइक के सिद्धांत, बाल-केंद्रित एवं प्रगतिशील शिक्षा, बुद्धि की अवधारणा एवं मापन, व्यक्तित्व, भाषा एवं विचार | — |
व्यक्तिगत भिन्नताएं | जेंडर भूमिकाएं, व्यक्तिगत भिन्नताएं, बालकों की विविध आवश्यकताएं, सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE), आलोचनात्मक चिंतन का आकलन | — |
समावेशी शिक्षा | वंचित एवं अलाभान्वित वर्ग, अधिगम कठिनाइयां, विशेष आवश्यकता वाले बच्चे, प्रतिभावान एवं सृजनात्मक बच्चे, विशेष क्षमता वाले बच्चों की आवश्यकताएं | 5 |
समस्याग्रस्त बालक | समस्याग्रस्त बालकों की पहचान एवं निदान, बाल अपराध के कारण एवं प्रकार | — |
अधिगम एवं शिक्षाशास्त्र | बच्चे कैसे सोचते और सीखते हैं, सफलता-असफलता के कारण, शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया, समस्या समाधान, वैज्ञानिक अन्वेषण, अवधान, रुचि, संज्ञान, संवेग एवं अभिप्रेरणा | 10 |
अन्य पेडागॉजिकल क्षेत्र | व्यक्तिगत एवं पर्यावरणीय कारक, निर्देशन एवं परामर्श, स्मृति एवं विस्मृति | — |
कुल | बाल विकास + समावेशी शिक्षा + अधिगम एवं शिक्षाशास्त्र | 30 |
ये भी पढ़ें:
क्षेत्र | विस्तृत सिलेबस | प्रश्न |
भाषायी समझ/बोध | अपठित गद्यांश एवं पद्यांश; साहित्यिक, वैज्ञानिक, सामाजिक समरसता अथवा समसामयिक विषयों पर आधारित सामग्री | 15 |
बोध एवं व्याख्या | गद्य/पद्य की समझ, व्याख्या, निष्कर्ष निकालना एवं भाषा संबंधी प्रश्न | — |
व्याकरण एवं शब्द सामर्थ्य | व्याकरण, शब्द ज्ञान, मौखिक योग्यता एवं भाषा प्रयोग से संबंधित प्रश्न | — |
भाषा विकास का शिक्षाशास्त्र | भाषा सीखना एवं ग्रहणशीलता, भाषा शिक्षण के सिद्धांत, सुनने एवं बोलने की भूमिका | 15 |
भाषा शिक्षण | व्याकरण की भूमिका, विविध कक्षा की चुनौतियां, भाषा संबंधी कठिनाइयां | — |
भाषायी कौशल | सुनना, बोलना, पढ़ना एवं लिखना तथा इन कौशलों का मूल्यांकन | — |
शिक्षण सामग्री | शिक्षण सहायक सामग्री (TLM), पुनः शिक्षण/Remedial Teaching एवं भाषा सीखने में सहायता | — |
कुल | भाषायी समझ + भाषा शिक्षाशास्त्र | 30 प्रति भाषा |
भाषा-2: अभ्यर्थी को भाषा-1 से अलग निर्धारित भाषाओं में से चयन करना होगा।
सिलेबस भाग | प्रमुख टॉपिक्स | प्रश्न |
संख्या पद्धति | 1000 से बड़ी संख्याएं, स्थानीय मान, जोड़, घटाव, गुणा एवं भाग की मूलभूत संक्रियाएं | 15* |
भिन्न | सम एवं विषम भिन्न, जोड़, घटाव, गुणा, भाग, समतुल्य भिन्न तथा भिन्न-दशमलव रूपांतरण | — |
मापन एवं इकाइयां | लंबाई, भार, आयतन, छोटी-बड़ी इकाइयों का संबंध, मीटर-सेंटीमीटर परिवर्तन, पैसा एवं समय | — |
पैटर्न एवं ज्यामिति | संख्यात्मक एवं सममिति पैटर्न, किरण, रेखाखंड, कोण, त्रिभुज, वृत्त, 2D आकृतियां | — |
क्षेत्रफल एवं परिमाप | आयत, वर्ग एवं त्रिभुज का परिमाप और क्षेत्रफल | — |
समय एवं आंकड़े | 12 एवं 24 घंटे की घड़ी, AM/PM, समय अंतराल तथा दंड आलेख से निष्कर्ष | — |
गणित शिक्षाशास्त्र | गणितीय चिंतन एवं तर्कशक्ति, पाठ्यक्रम में गणित का स्थान, भाषा एवं गणित, परिवेश आधारित शिक्षण सामग्री | 15* |
मूल्यांकन | नवीन मूल्यांकन विधियां, निदानात्मक परीक्षण एवं पुनः शिक्षण | — |
कुल | विषयवस्तु + गणित शिक्षाशास्त्र | 30 |
* गणित में विषयवस्तु एवं शिक्षाशास्त्र का प्रश्न-विभाजन उपलब्ध विवरण के अनुसार 15-15 है।
सिलेबस भाग | प्रमुख टॉपिक्स | प्रश्न |
हमारा परिवार एवं मित्र | परिवार एवं समाज, देखभाल, पशु-पक्षी, पेड़-पौधे, मनुष्य एवं प्रकृति की अंतःनिर्भरता, वन संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन एवं ऊर्जा स्रोत | 20* |
खेल एवं कार्य | खेल, योग, उत्सव, मेले, कठपुतली, विभिन्न उद्योग एवं व्यवसाय | — |
आवास | मानव एवं पशु आवास, आवास सामग्री, स्वच्छता एवं राष्ट्रीय धरोहर | — |
हमारा भोजन एवं आदतें | भोजन के घटक, स्वास्थ्यवर्धक भोजन, स्वच्छता एवं खाद्य सुरक्षा | — |
पानी एवं हवा | स्वच्छ जल एवं वायु, जल चक्र, प्रदूषण, संक्रमण, जलवायु परिवर्तन एवं रोगों से बचाव | — |
आपदा प्रबंधन | भूकंप, बाढ़, सूखा तथा आपदा से बचाव एवं प्रबंधन | — |
प्राकृतिक वस्तुएं एवं उपज | मिट्टी, पानी, फसल, जैविक खाद, कृषि क्षेत्र एवं कृषि उपकरण | — |
मानव निर्मित साधन एवं प्रभाव | शहरीकरण, ओजोन क्षय, अम्लीय वर्षा, ग्लोबल वार्मिंग, ग्रीनहाउस प्रभाव, प्लास्टिक एवं जीवाश्म ईंधन | — |
अंतरिक्ष विज्ञान | अंतरिक्ष वैज्ञानिक, अंतरिक्ष में जीवन की संभावनाएं, अंतरिक्ष यान एवं प्रमुख खोजें | — |
EVS शिक्षाशास्त्र | EVS की आवश्यकता एवं महत्त्व, विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान से संबंध, गतिविधियां, भ्रमण एवं प्रोजेक्ट कार्य | 10* |
मूल्यांकन एवं शिक्षण | CCE, वर्कशीट, पोर्टफोलियो, केस स्टडी तथा स्थानीय समस्याओं के समाधान की क्षमता का विकास | — |
कुल | EVS विषयवस्तु + EVS पेडागॉजी | 30 |
* पर्यावरण अध्ययन में उपलब्ध विवरण के अनुसार 20 प्रश्न विषयवस्तु और 10 प्रश्न पेडागॉजी से हैं।
महत्वपूर्ण लेख:-
मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) द्वारा आयोजित माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (MP TET) 2026 में अभ्यर्थियों का मूल्यांकन सामान्य भाषा, सामान्य ज्ञान, बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र तथा चयनित विषय के ज्ञान के आधार पर किया जाएगा। परीक्षा में कुल 150 बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे और अभ्यर्थी को अनिवार्य भाग के साथ निर्धारित मुख्य विषय की तैयारी करनी होगी। नीचे परीक्षा पैटर्न और विषयवार सिलेबस को सरल एवं विस्तृत सारणियों में प्रस्तुत किया गया है।
एमपी टीईटी सिलेबस और परीक्षा पैटर्न 2026- माध्यमिक पीडीएफ डाउनलोड लिंक

परीक्षा का घटक | विवरण |
आयोजक संस्था | मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB), भोपाल |
परीक्षा का नाम | माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (MP TET) |
कुल प्रश्न | 150 बहुविकल्पीय प्रश्न |
कुल अंक | 150 अंक |
परीक्षा अवधि | 2 घंटे 30 मिनट (150 मिनट) |
प्रश्न का प्रकार | वस्तुनिष्ठ/बहुविकल्पीय |
अंक योजना | प्रत्येक सही उत्तर के लिए 1 अंक |
निगेटिव मार्किंग | नहीं |
क्र. | विषय | प्रश्न | अंक |
1 | सामान्य हिंदी | 8 | 8 |
2 | सामान्य अंग्रेजी | 5 | 5 |
3 | सामान्य ज्ञान, समसामयिक घटनाक्रम, तार्किक एवं आंकिक योग्यता | 7 | 7 |
4 | बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र | 10 | 10 |
कुल | भाग-अ | 30 | 30 |
भाग-ब में अभ्यर्थी को दिए गए विषयों में से एक मुख्य विषय का चयन करना होगा।
क्र. | मुख्य विषय | प्रश्न | अंक | स्तर |
1 | हिंदी | 120 | 120 | स्नातक |
2 | अंग्रेजी | 120 | 120 | स्नातक |
3 | संस्कृत | 120 | 120 | स्नातक |
4 | उर्दू | 120 | 120 | स्नातक |
5 | गणित | 120 | 120 | स्नातक |
6 | विज्ञान | 120 | 120 | स्नातक |
7 | सामाजिक विज्ञान | 120 | 120 | स्नातक |
ये भी पढ़ें: एमपी अस्पताल सहायक सिलेबस 2026
भाग-अ का सिलेबस
विषय | प्रमुख पाठ्यक्रम/टॉपिक्स |
सामान्य हिंदी | गद्यांश एवं पद्यांश आधारित प्रश्न, शब्द ज्ञान, वाक्य संरचना, मुहावरे-लोकोक्तियां तथा शुद्ध-अशुद्ध वाक्य |
सामान्य अंग्रेजी | Reading Comprehension, Vocabulary, Synonyms, Antonyms, One-word Substitution, Idioms/Phrases, Articles, Prepositions, Tenses, Modals, Determiners, Voice, Narration एवं Sentence Transformation |
सामान्य ज्ञान एवं समसामयिक घटनाक्रम | राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय घटनाएं, भारत का इतिहास एवं भूगोल, संविधान, शासन प्रणाली, पर्यावरण, खेल तथा मध्यप्रदेश का इतिहास, भूगोल, राजनीति एवं आर्थिक विकास |
तार्किक एवं आंकिक योग्यता | Analogy, Coding-Decoding, Series, Pattern, संबंध, क्रम, संख्या पद्धति, दिशा ज्ञान, वेन आरेख तथा ग्राफ/चार्ट आधारित प्रश्न |
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र | बाल विकास की अवधारणा, विकास के सिद्धांत, वंशानुक्रम एवं वातावरण, पियाजे, पावलव, कोहलर एवं थॉर्नडाइक, बुद्धि, व्यक्तित्व, समावेशी शिक्षा, अधिगम, अभिप्रेरणा, संज्ञान, CCE एवं शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया |
भाग-ब : मुख्य विषयों का विस्तृत सिलेबस
सिलेबस क्षेत्र | प्रमुख टॉपिक्स |
गणितीय विषयवस्तु | सांख्यिकी, माध्य, माध्यिका, बहुलक, संचयी आवृत्ति, मापन, समय, तापमान, लंबाई, क्षेत्रफल, आयतन एवं द्रव्यमान |
पदार्थ एवं विज्ञान संबंधी आधार | पदार्थ की अवस्थाएं एवं गुण, तत्व, यौगिक, मिश्रण, धातु-अधातु, रासायनिक सूत्र एवं पृथक्करण |
भौतिक अवधारणाएं | बल, गति, दाब, कार्य, ऊर्जा, मशीन, ताप एवं ऊष्मा |
गणित शिक्षाशास्त्र | तार्किक एवं चिंतन क्षमता का विकास, गणित की भाषा, पाठ्यक्रम, TLM, मूल्यांकन, निदानात्मक परीक्षण एवं पुनः शिक्षण |
सिलेबस क्षेत्र | प्रमुख टॉपिक्स |
भौतिक विज्ञान | मापन, बल, गति, दाब, कार्य, ऊर्जा, मशीन, ताप, ऊष्मा, प्रकाश, ध्वनि, चुंबक एवं विद्युत |
रसायन विज्ञान | पदार्थ एवं उसके गुण, तत्व, यौगिक, मिश्रण, कार्बन एवं हाइड्रोकार्बन |
जीव विज्ञान | भोजन एवं स्वास्थ्य, पादप एवं प्राणी संगठन, सजीव जगत, वर्गीकरण, कोशिका, जैविक प्रक्रियाएं एवं आनुवंशिकी |
पर्यावरण | प्राकृतिक संसाधन, खाद्य उत्पादन एवं प्रबंधन तथा पर्यावरण संबंधी विषय |
विज्ञान शिक्षाशास्त्र | वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अवलोकन, प्रयोग एवं खोज, TLM, मूल्यांकन, निदानात्मक परीक्षण एवं सुधारात्मक शिक्षण |
विषय | प्रमुख टॉपिक्स |
इतिहास | पाषाणकाल, हड़प्पा, वैदिक सभ्यता, बौद्ध-जैन धर्म, मौर्य, गुप्त, हर्षकाल, दिल्ली सल्तनत, मुगल, विजयनगर, मराठा-सिख शक्ति, यूरोपीय कंपनियां, 1857, राष्ट्रीय आंदोलन, स्वतंत्रता एवं विभाजन |
मध्यप्रदेश का इतिहास | स्वतंत्रता आंदोलन में मध्यप्रदेश का योगदान तथा स्वातंत्र्योत्तर प्रमुख घटनाएं |
नागरिक शास्त्र | परिवार एवं समाज, स्थानीय स्वशासन, संविधान, मौलिक अधिकार एवं कर्तव्य, बाल एवं मानव अधिकार, विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका, लोकतंत्र की चुनौतियां एवं विदेश नीति |
भूगोल | सौरमंडल, अक्षांश-देशांतर, ग्लोब एवं मानचित्र, स्थलमंडल, वायुमंडल, जलमंडल, भारत एवं महाद्वीपों की भौगोलिक संरचना, जलवायु, मृदा, वनस्पति, खनिज, उद्योग, फसल एवं परिवहन |
अर्थशास्त्र | आर्थिक विकास, भारत की आर्थिक चुनौतियां, वैश्वीकरण, मुद्रा एवं वित्तीय प्रणाली, कृषि विकास एवं उपभोक्ता संरक्षण |
शिक्षाशास्त्र | सामाजिक विज्ञान की प्रकृति, कक्षागत गतिविधियां, शिक्षण प्रक्रिया एवं विवेचनात्मक चिंतन का विकास |
क्षेत्र | प्रमुख टॉपिक्स |
भाषा एवं व्याकरण | वाक्य बोध, विराम चिह्न, वाक्य परिवर्तन, मुहावरे-लोकोक्तियां, बोली एवं राष्ट्रभाषा |
काव्यशास्त्र | काव्य भेद, शब्द शक्ति, छंद, अलंकार, रस एवं उनके भेद |
साहित्य | हिंदी साहित्य का इतिहास, पद्य एवं गद्य का विकास, प्रमुख काल, कवि, लेखक एवं उनकी रचनाएं |
रचना एवं बोध | अपठित गद्यांश-पद्यांश, निबंध एवं पत्र लेखन |
भाषा शिक्षाशास्त्र | भाषा सीखना एवं ग्रहणशीलता, भाषा शिक्षण के सिद्धांत, सुनना-बोलना-पढ़ना-लिखना, मूल्यांकन, बहुकक्षा शिक्षण एवं पुनः शिक्षण |
क्षेत्र | प्रमुख टॉपिक्स |
Reading Comprehension | गद्यांश एवं पद्यांश आधारित प्रश्न |
Vocabulary | One-word Substitution, Synonyms, Antonyms, Idioms एवं Phrases |
Grammar | Tenses, Modals, Determiners, Articles, Voice, Narration, Prepositions एवं Clauses |
Writing | Report, Advertisement, Poster, Essay, Formal/Informal Letter एवं Application |
Language Pedagogy | Learning & Acquisition, Direct/Bilingual/Communicative Methods, LSRW Skills, CCE, Remedial Teaching एवं TLM |
क्षेत्र | प्रमुख टॉपिक्स |
व्याकरण | शब्द रूप, धातु रूप, लकार, संधि, समास एवं समास-विग्रह, कृत/तद्धित/स्त्री प्रत्यय एवं अव्यय |
साहित्य | वेद, वेदांग, पुराण, उपनिषद, रामायण एवं महाभारत का परिचय |
साहित्यकार | भास, कालिदास, शूद्रक एवं भवभूति की प्रमुख कृतियां |
रचना एवं बोध | संस्कृत निबंध, पत्र/प्रार्थना पत्र एवं अपठित गद्यांश |
शिक्षाशास्त्र | भाषा शिक्षण के सिद्धांत, भाषायी कौशल, अधिगम संबंधी कठिनाइयां एवं सुधारात्मक शिक्षण |
क्षेत्र | प्रमुख टॉपिक्स |
व्याकरण | इस्म, जमीर, फैअल, जुमला, सिफत, जिंस, तज़ाद एवं मुहावरे |
साहित्य | ग़ज़ल, नज़्म तथा उर्दू गद्य एवं पद्य साहित्य का इतिहास |
भाषा-बोध | गैर-दरसी इक्तिबास/अपठित गद्यांश |
रचना | दरख्वास्त, खतूत एवं मजमून नवीसी |
उर्दू शिक्षाशास्त्र | उर्दू शिक्षण के उद्देश्य एवं तरीके, सुनना-बोलना-पढ़ना-लिखना, मूल्यांकन एवं सुधारात्मक शिक्षण |
ये भी पढ़ें:-हरियाणा सीईटी। हरियाणा सीईटी लॉगइन
एमपी टीईटी 2026 की तैयारी कर रहे सेवारत शिक्षकों के लिए सबसे जरूरी है कि वे अपनी नियमित शिक्षण जिम्मेदारियों के साथ पढ़ाई का संतुलन बनाएं। परीक्षा के पाठ्यक्रम, विषयवार अंक-विभाजन और प्रश्नों के स्तर को ध्यान में रखकर योजनाबद्ध अध्ययन, नियमित रिवीजन तथा अभ्यास करना तैयारी को अधिक प्रभावी बना सकता है। परीक्षा संबंधी अंतिम निर्देशों के लिए MPESB की आधिकारिक नियमपुस्तिका को प्राथमिकता दें।
सिलेबस को प्राथमिकता दें: सबसे पहले पूरे सिलेबस को विषयवार समझें और आसान, मध्यम तथा कठिन टॉपिक्स की अलग सूची बनाकर तैयारी की शुरुआत करें।
समय-सारणी बनाएं: स्कूल की ड्यूटी के बाद उपलब्ध समय के अनुसार रोजाना पढ़ाई का निश्चित स्लॉट तय करें। कम समय में भी नियमित अध्ययन बनाए रखना अधिक प्रभावी रहेगा।
मुख्य विषय पर फोकस करें: भाग-ब में चयनित विषय का महत्वपूर्ण वेटेज है। इसलिए अपने विषय के प्रत्येक अध्याय को क्रमवार पढ़ें और कठिन टॉपिक्स पर अतिरिक्त समय दें।
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र पढ़ें: बाल विकास, अधिगम, समावेशी शिक्षा, अभिप्रेरणा और शिक्षण विधियों की अवधारणाओं को केवल याद करने के बजाय उदाहरणों के साथ समझें।
भाषा की नियमित तैयारी करें: सामान्य हिंदी और अंग्रेजी के लिए व्याकरण, शब्दावली, अपठित गद्यांश तथा भाषा-बोध के प्रश्नों का नियमित अभ्यास करें।
मध्यप्रदेश GK पढ़ें: मध्यप्रदेश के इतिहास, भूगोल, राजनीति, अर्थव्यवस्था, संस्कृति और महत्वपूर्ण समसामयिक घटनाओं के लिए अलग नोट्स तैयार करें।
MCQ अभ्यास बढ़ाएं: प्रत्येक अध्याय पूरा करने के बाद उससे संबंधित बहुविकल्पीय प्रश्न हल करें। इससे अवधारणाओं की समझ के साथ प्रश्न हल करने की गति भी बेहतर होगी।
पिछले प्रश्नपत्र हल करें: पुराने प्रश्नपत्रों से प्रश्नों की प्रकृति, कठिनाई स्तर और बार-बार पूछे जाने वाले विषयों की पहचान करें।
मॉक टेस्ट दें: सप्ताह में नियमित मॉक टेस्ट देकर अपनी तैयारी जांचें। हर टेस्ट के बाद गलत उत्तरों का कारण खोजकर संबंधित टॉपिक को दोबारा पढ़ें।
रिवीजन का नियम बनाएं: सेवारत शिक्षकों के लिए लंबे अध्ययन सत्रों की तुलना में छोटे लेकिन नियमित रिवीजन अधिक उपयोगी हो सकते हैं। शॉर्ट नोट्स और महत्वपूर्ण तथ्यों को बार-बार दोहराएं।
कमजोर विषयों पर काम करें: मॉक टेस्ट और अभ्यास के दौरान जिन अध्यायों में लगातार गलतियां हो रही हैं, उनकी अलग सूची बनाकर दोबारा तैयारी करें।
सटीकता पर ध्यान दें: उपलब्ध परीक्षा पैटर्न के अनुसार गलत उत्तरों पर नकारात्मक अंकन नहीं है, फिर भी प्रश्नों को जल्दबाजी में हल करने के बजाय अवधारणा और सही उत्तर की पहचान पर ध्यान दें।
डिजिटल संसाधनों का उपयोग करें: स्कूल के बाद समय कम होने पर ऑनलाइन लेक्चर, डिजिटल नोट्स और मोबाइल आधारित MCQ अभ्यास का उपयोग करके तैयारी के समय को प्रभावी बनाया जा सकता है।
साप्ताहिक लक्ष्य बनाएं: हर सप्ताह कुछ निश्चित अध्याय पूरे करने का लक्ष्य रखें और सप्ताह के अंत में स्वयं का छोटा टेस्ट लेकर प्रगति जांचें।
अंतिम चरण में रणनीति बदलें: परीक्षा के नजदीक नए टॉपिक्स कम पढ़ें और मॉक टेस्ट, गलत प्रश्नों की कॉपी, शॉर्ट नोट्स तथा महत्वपूर्ण तथ्यों के रिवीजन पर अधिक ध्यान दें।