झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) द्वारा संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा (Combined Civil Services Exam ) के लिए सिलेबस अपनी आधिकारिक वेबसाइट jpsc.gov.in पर जारी कर दिया गया है। जेपीएससी सिविल परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा सिलेबस पीडीएफ 2026 (JPSC Civil Services Exam Syllabus Pdf 2026) में विस्तार से जानकारी दी गई है। उम्मीदवार जेपीएससी सिविल सर्विस एग्जाम 2026 के लिए आवेदन 31 जनवरी से 14 फरवरी 2026 तक कर सकेंगे। जेपीएससी सिविल सेवा आवेदन करें
This Story also Contains
आयोग द्वारा राज्य में सरकारी पदों के लिए जेपीएससी भर्ती 2026 (JPSC Recruitment 2026) आयोजित की जाती है। आयोग द्वारा राज्य सरकार के विभिन्न पदों जैसे सिविल सेवा अधिकारी,लेखा अधिकारी, सिविल जज, डिप्टी कलेक्टर, जिला खेल अधिकारी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी आदि जैसे रिक्त पदों पर योग्य उम्मीदवारों की भर्ती की जाती है। जेपीएससी प्राधिकरण आधिकारिक वेबसाइट पर जेपीएससी भर्ती अधिसूचना 2026 (JPSC Recruitment Notification 2026) के माध्यम से जेपीएससी भर्ती परीक्षा पाठ्यक्रम (JPSC Exam Syllabus 2026 in Hindi) जारी करता है। उम्मीदवार इस लेख में झारखंड संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा 2026 सिलेबस और एग्जाम पैटर्न की जानकारी विस्तार से प्राप्त कर पाएंगे।
ये भी देखें-
मुख्य बिंदु | विवरण |
परीक्षा का नाम | झारखंड संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा/ पीसीएस |
परीक्षा का आयोजक | झारखंड लोक सेवा आयोग |
परीक्षा का स्तर | राज्य |
परीक्षा अवधि | प्रारंभिक परीक्षा
मुख्य परीक्षा
|
परीक्षा पैटर्न |
|
परीक्षा का माध्यम | ऑफलाइन |
जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा 2026 (JPSC Combined Civil Service Exam 2026) के लिए जेपीएससी परीक्षा पैटर्न 2026 (JPSC Exam Pattern 2026) के अनुसार, 3 चरण होते हैं-
प्रारंभिक चरण - 2 वस्तुनिष्ठ प्रकार के प्रश्नपत्र, प्रत्येक 200 अंक।
मुख्य चरण - 6 वर्णनात्मक प्रकार के प्रश्नपत्र, सभी प्रश्नपत्र अनिवार्य हैं।
व्यक्तित्व परीक्षण/साक्षात्कार - 100 अंक
जेपीएससी सीएसई 2026 परीक्षा पैटर्न(JPSC CSE Exam Pattern 2026) के अनुसार, पहला चरण प्रारंभिक परीक्षा का होता है। प्रारंभिक परीक्षा में सामान्य अध्ययन पर आधारित दो पेपर होते हैं और प्रत्येक पेपर की समय अवधि 2 घंटे होती है। प्रत्येक पेपर के लिए 200 अंक निर्धारित होते हैं, इस प्रकार प्रारंभिक परीक्षा में कुल अंक 400 हो जाते हैं। प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले उम्मीदवार ही मुख्य परीक्षा में बैठने के पात्र होते हैं। नीचे दी गई तालिका में सरलता से प्रारंभिक चरण को बताया गया है।
विषय | प्रश्न | समय अवधि | कुल अंक |
सामान्य अध्ययन -1 | 100 | 2 घंटे | 200 |
सामान्य अध्ययन -2 (झारखंड राज्य पर आधारित) | 100 | 2 घंटे | 200 |
जेपीएससी 2026 के परीक्षा पैटर्न के अनुसार परीक्षा का दूसरा चरण मुख्य परीक्षा है। यह एक लंबा चरण है और इसमें 6 पेपर होते हैं। प्रत्येक पेपर की समय अवधि 3 घंटे होती है। मुख्य परीक्षा के लिए कुल अंक 1050 निर्धारित होते हैं। मुख्य परीक्षा में उत्तीर्ण उम्मीदवारों को तीसरे और अंतिम दौर के लिए बुलाया जाएगा जो कि साक्षात्कार होगा। मुख्य परीक्षा के पैटर्न को समझने के लिए उम्मीदवार नीचे दी गई तालिका को देख सकते हैं।
पेपर | विषय | कुल अंक | समय अवधि |
1 | सामान्य अंग्रेजी और सामान्य हिंदी (2 खंड) 50 अंकों का | 100 | 3 घंटे |
2 | भाषा और साहित्य | 150 | 3 घंटे |
3 | इतिहास और भूगोल | 200 | 3 घंटे |
4 | भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था, लोक प्रशासन एवं सुधार | 200 | 3 घंटे |
5 | भारतीय अर्थव्यवस्था, वैश्वीकरण और सतत विकास | 200 | 3 घंटे |
6 | सामान्य विज्ञान पर्यावरण और प्रौद्योगिकी विकास | 200 | 3 घंटे |
कुल अंक | 1050 |
जेपीएससी एग्जाम 2026 का तीसरा और अंतिम चरण है साक्षात्कार जिसमें उम्मीदवराों के व्यक्तित्व और ज्ञान का परीक्षण होता है। ये कुल 100 अंको का होता है।
जेपीएससी द्वारा अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा पाठ्यक्रम 2026( JPSC Combined Civil Service Exam Syllabus 2026) जारी किया जाता है। जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पाठ्यक्रम 2026 में मुख्य और प्रारंभिक परीक्षा का सिलेबस अलग अलग होता है। जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा सिलेबस 2026(JPSC Pre Exam Syllabus 2026) के अंतर्गत भारत का इतिहास, भारत का भूगोल, भारतीय राजनीति और शासन, विविध प्रकृति के सामान्य प्रश्न, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, झारखंड के मंच से इतिहास, समाज, संस्कृति और विरासत पर आधारित प्रश्न, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय वर्तमान घटनाएं और आर्थिक और सतत विकास आदि विषयों पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं।
वहीं मुख्य परीक्षा की बात करें तो मुख्य परीक्षा में 6 पेपर होते हैं जिनमें प्रत्येक पेपर के अनुसार अलग विषयों पर प्रश्न पूछे जाते हैं। नीचे दी गई तालिका से जेपीएससी परीक्षा 2026 पाठ्यक्रम के बारे में जान सकते हैं।
चरण | विषय | खंड |
प्रारंभिक | सामान्य अध्ययन -1 |
|
सामान्य अध्ययन -2 (झारखंड राज्य पर आधारित) |
|
विषय | खंड |
सामान्य अंग्रेजी और सामान्य हिंदी | हिंदी निबंध ,व्याकरण वाक्य विन्यास, संक्षेपण इंग्लिश Essay, Grammar ,Comprehension ,Precis |
भाषा और साहित्य | अभ्यर्थियों के पास किसी एक भाषा को चुनने का विकल्प होगा। उसके अनुसार चयनित भाषा का सिलेबस अलग होगा। |
इतिहास और भूगोल | इतिहास प्राचीन काल, मध्यकाल, आधुनिक काल, झारखंड का इतिहास भूगोल भौतिक भूगोल (सामान्य सिद्धांत), भारत का भौतिक एवं मानव भूगोल, भारत के प्राकृतिक संसाधन: विकास एवं उपयोग, भारत का भूगोल एवं इसके संसाधनों का उपयोग |
भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था, लोक प्रशासन एवं सुधार | भारतीय संविधान और राजनीति भारतीय संविधान की प्रस्तावना (धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक और समाजवादी) - इसके पीछे का दर्शन, भारतीय संविधान की प्रमुख विशेषताएं लोकहित मुकदमेबाजी की अवधारणा; भारतीय संविधान की मूल संरचना, मौलिक अधिकार और कर्तव्य, राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांत। लोक प्रशासन, सार्वजनिक और निजी प्रशासन,संघीय प्रशासन,राज्य प्रशासन,जिला,कार्मिक प्रशासन,प्रशासन,नौकरशाही,आपदा प्रबंधन,सुशासन,मानवाधिकार |
भारतीय अर्थव्यवस्था, वैश्वीकरण और सतत विकास | भारतीय अर्थव्यवस्था की मूलभूत विशेषताएँ सतत विकास, आर्थिक मुद्दे और भारतीय विकास रणनीति,आर्थिक सुधार, भारतीय अर्थव्यवस्था पर उनका स्वरूप और प्रभाव झारखंड की अर्थव्यवस्था: विशेषताएँ, मुद्दे, चुनौतियाँ और रणनीतियां |
सामान्य विज्ञान पर्यावरण और प्रौद्योगिकी विकास | भौतिक विज्ञान जीवन विज्ञान कृषि विज्ञान पर्यावरण विज्ञान विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विकास |
किसी भी परीक्षा की तैयारी करने से पहले संबंधित परीक्षा के सिलेबस और एग्जाम पैटर्न की जानकारी होना जरूरी है। उम्मीदवार जेपीएससी परीक्षा से संबंधित विस्तृत जानाकारी के लिए निरंतर आधिकारिक वेबसाइट की जांच करते रहें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
हां, जेपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर सिविल सेवा परीक्षा अधिसूचना जारी हो गई है।
हां, जेपीएससी पीसीएस परीक्षा 2026 का स्तर थोड़ा कठिन है लेकिन निरंतर अभ्यास से परीक्षा को पास किया जा सकता है।
झारखंड सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने से पहले सिलेबस और एग्जाम पैटर्न को अच्छे से समझें। इसके साथ ही पुराने प्रश्न पत्रों को हल करने का प्रयास करें। निरंतर प्रयास करने से आपकी तैयारी मजबूत होगी।