हर साल कितने छात्र यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा देते हैं? - संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) और भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) सहित भारत सरकार में विभिन्न सिविल सेवा पदों के लिए उम्मीदवारों का चयन करने के लिए हर साल भारत में एक प्रतियोगी परीक्षा आयोजित करता है। यूपीएससी परीक्षा को भारत में सबसे अधिक प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में से एक माना जाता है और इस परीक्षा के माध्यम से सिविल सेवा सपद के लिए चयनित होना अत्यधिक प्रतिस्पर्धी है।
यूपीएससी परीक्षा: क्या आयोग को निम्न सफलता दर के चलते कई प्रयासों की व्यवस्था पर पुनर्विचार करना चाहिए
2024 में, यूपीएससी सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा 16 जून, 2024 को आयोजित की गई। इस परीक्षा के लिए कुल 9,92,599 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था, जिनमें से 5,83,213 उम्मीदवार प्री परीक्षा में शामिल हुए। इनमें कुल 14,627 उम्मीदवार सितंबर, 2024 में आयोजित लिखित (मुख्य) परीक्षा में सम्मिलित होने की अर्हता प्राप्त कर पाए। इनमें से 2,845 अभ्यर्थी परीक्षा के इंटरव्यू के दौर में पहुंचने में सफल रहे। आयोग द्वारा विभिन्न सेवाओं में नियुक्ति के लिए कुल 1009 अभ्यर्थियों (725 पुरुष और 284 महिलाएं) की अनुशंसा की गई है। 2023 में यूपीएससी के प्रीलिम्स पेपर के लिए लगभग 13 लाख आवेदक उपस्थित हुए। उनमें से केवल 14624 मुख्य परीक्षा के लिए क्वालिफाई हुए, 2916 को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया और केवल 1016 उम्मीदवारों की नियुक्ति की सिफारिश की गई।
कुल मिलाकर, यूपीएससी परीक्षा प्रक्रिया में तीन लिखित परीक्षा और एक साक्षात्कार शामिल होता है। नीचे दी गई तालिका यूपीएससी सीएसई आंकड़े दिखाती है।
वर्ष | आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या | प्रारंभिक परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों की संख्या | मुख्य परीक्षा के लिए अर्हता प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या | मुख्य परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों की संख्या | साक्षात्कार के लिए उपस्थित होने वाले उम्मीदवारों की संख्या | पदों के लिए चयनित उम्मीदवारों की अंतिम संख्या |
2024 | 9,92,599 | 5,83,213 | 14,627 | - | 2,845 | 1009 (725 पुरुष और 284 महिलाएं) |
2023 | 13 लाख | - | 14624 | - | 2916 | 1016 |
2022 | 11,35,697 | 5,73,735 | 13090 | - | 2526 | 933 |
2021 | 1112318 | 513192 | 9214 | - | 1823 | 761 |
2020 | 1056835 | 486952 | 10564 | - | 2049 | 833 |
2019 | 1154769 | 574980 | 11845 | - | 2034 | 829 |
2018 | 1065552 | 500484 | 10419 | 10246 | 1994 | 759 |
2017 | 969065 | 46284 | 13300 | 13060 | 2564 | 1056 |
2016 | 1128262 | 459659 | 15382 | 15149 | 2961 | 1099 |
2015 | 945908 | 465882 | 15008 | 15,008 | 2797 | 1078 |
2014 | 947428 | 446623 | 16706 | 16286 | 3308 | 1236 |
2013 | 776604 | 324279 | 14800 | 14178 | 3001 | 1122 |
2012 | 550080 | 271442 | 12795 | 12190 | 2674 | 998 |
2011 | 499120 | 243236 | 11837 | 11237 | 2415 | 999 |
2010 | 547698 | 269036 | 12271 | 11865 | 2589 | 965 |
2009 | 409110 | 193091 | 11894 | 11516 | 2431 | 989 |
2008 | 325433 | 167035 | 11669 | 11330 | 2136 | 881 |
2007 | 333680 | 161469 | 9158 | 8886 | 1883 | 734 |
यूपीएससी से संबंधित महत्वपूर्ण लेख
आंकड़ों के विश्लेषण से निम्नलिखित चीजें पता चलता है
यूपीएससी सीएसई 2006 से 2009 :
यूपीएससी की कुल रिक्तियां 3157 (प्रति वर्ष 993) थीं।
कुल आवेदक: 14.52 लाख छात्र (औसतन 3.63 लाख प्रति वर्ष)।
यूपीएससी मेन्स में उत्तीर्ण छात्र 40,413 (औसतन 10,103 प्रति वर्ष) थे।
केवल 7858 छात्र साक्षात्कार के लिए योग्य हुए (औसतन 2435 प्रति वर्ष)।
कुल रिक्तियां: 3823
प्रीलिम्स के लिए आवेदकों की संख्या: लगभग 46.03 लाख।
मुख्य परीक्षा में उत्तीर्ण छात्र: 48,214 छात्र।
यूपीएसई सीएसई साक्षात्कार के लिए अर्हता प्राप्त करने वाले छात्र: 10,000 छात्र।
साक्षात्कार के लिए अर्हता प्राप्त करने वाले छात्रों की संख्या: 1204
यूपीएससी से संबंधित महत्वपूर्ण लेख
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) भारत सरकार में सिविल सेवा पदों के लिए उम्मीदवारों का चयन करने के लिए तीन चरणों वाली परीक्षा प्रक्रिया आयोजित करता है। यूपीएससी परीक्षा के चरण इस प्रकार हैं।
प्रारंभिक परीक्षा : प्रारंभिक परीक्षा में दो वस्तुनिष्ठ प्रकार के पेपर होते हैं : सामान्य अध्ययन पेपर 1 और सामान्य अध्ययन पेपर 2। प्रारंभिक परीक्षा का उद्देश्य मुख्य परीक्षा के लिए उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट करना है।
मुख्य परीक्षा : मुख्य परीक्षा में नौ पेपर होते हैं : भारतीय भाषाओं और अंग्रेजी में दो क्वालीफाइंग पेपर और निबंध, सामान्य अध्ययन और वैकल्पिक विषयों जैसे विभिन्न विषयों के सात पेपर। मुख्य परीक्षा का उद्देश्य उम्मीदवारों के समग्र ज्ञान और शैक्षणिक विशेषज्ञता का मूल्यांकन करना है।
साक्षात्कार : साक्षात्कार यूपीएससी परीक्षा प्रक्रिया का अंतिम चरण है। यह सिविल सेवा में करियर के लिए उम्मीदवार की उपयुक्तता का आकलन करने के लिए यूपीएससी द्वारा आयोजित एक व्यक्तित्व परीक्षण है।
यूपीएससी का पूरा नाम संघ लोक सेवा आयोग है। भारत में यूपीएससी को लोकप्रिय रूप से आईएएस (भारतीय प्रशासनिक सेवा) परीक्षा के रूप में जाना जाता है लेकिन इस परीक्षा का आधिकारिक नाम यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा है। यदि कोई व्यक्ति भारत में आईएएस (भारतीय प्रशासनिक सेवा), आईपीएस (भारतीय पुलिस सेवा) या आईएफएस (भारतीय विदेश सेवा) बनना चाहता है तो उसे यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी। व्यक्ति के पास ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए तभी वह इस परीक्षा में शामिल हो सकता है। आईएएस प्रशिक्षु या आईएएस प्रोबेशनर सबसे निचला आईएएस पद है।
यूपीएससी से संबंधित महत्वपूर्ण लेख
आईएएस की परीक्षा के लिए लगभग 5 लाख उम्मीदवार प्रारंभिक परीक्षा में बैठते हैं और प्री, मेंस व इंटरव्यू के बाद लगभग एक हजार अभ्यर्थियों का सेलेक्शन होता है। यह कुल संख्या का महज 0.2 प्रतिशत है। इस तरह देखा जाए तो बाकी बचे उम्मीदवार फिर अगले वर्ष के लिए तैयारी में जुट जाते हैं या अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रयास करते हैं। जिनकी उम्र सीमा या परीक्षा अटेम्प्ट करने की सीमा समाप्त हो जाती है, उन अभ्यर्थियों को भी अन्य विकल्प तलाशना पड़ता है। इसमें एक विकल्प शैक्षणिक कार्य से जुड़ने का रहता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
हर साल करीब 5 लाख उम्मीदवार यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा में शामिल होते हैं।
हर वर्ष लगभग 180 लोग आईएएस अधिकारियों का चयन किया जाता है।
यूपीएससी की परीक्षा में तीन चरण, प्री, मेंस और इंटरव्यू होता है। इसके बाद फाइनल सेलेक्शन होता है। इसमें लगभग 1000 लोगों का चयन होता है।
आईएएस बनने के लिए जनरल और ईडब्ल्यूएस केे अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम 32 वर्ष की उम्र सीमा तय की गई है। इस कैटेगरी के उम्मीदवार अधिकतम 6 अटेम्ट दे सकते हैं। ओबीसी कैटेगरी के लिए अधिकतम उम्र 35 वर्ष है। ये उम्मीदवार 9 बार परीक्षा दे सकते हैं। एसटी-एससी कैटेगरी के उम्मीदवार 37 साल की उम्र तक परीक्षा दे सकते हैं। इस कैटेगरी के उम्मीदवार के लिए अटेम्ट की कोई सीमा नहीं है। वे ग्रेजुएशन के बाद 21 साल की उम्र में 37 साल की उम्र तक परीक्षा देने के लिए योग्य होते हैं। फिजिकल डिसेब्ल्ड के लिए अधिकतम उम्र 42 वर्ष तय की गई है वहीं उनके लिए अटेम्प्ट की सीमा तय नहीं है।
On Question asked by student community
Hi Akshay,
Coming from an MPC background is a hidden advantage if you're planning to prepare for the IAS exam. Here are a few tips to follow to be consistent with your goal.
Hi Aspirant,
Candidates who want to become an IAS officer need to appear for the UPSC CSE exam consisting of prelims, mains, and then an interview. To know complete information about IAS officers, read the article below.
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Hope It Helps.
Hello,
Becoming an IAS officer through the UPSC Civil Services examination is a great goal. One of the most required qualifications for IAS can be Bachelor's degree (BA, B.Com, B.Sc, BBA, BCA, B.Tech etc.) with at least one of the subjects namely Animal Husbandry & Veterinary Science, Botany, Chemistry, Geology,
Hello,
IAS ki taiyari ke liye union public service commission (UPSC) dwara nirdharit eligibility criteria pura karna jaruri hai. aap kisi bhi maanyataprapt college se study karte hue IAS ki tayari kar sakte hai.
Apko upsc civil services exam syllabus ki jankari honi chahiye. taiyari ke liye aap self study
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