यूपीपीएससी पीसीएस सिलेबस 2026 जारी (UPPSC PCS Syllabus 2026 in Hindi) - उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने यूपीपीएससी पीसीएस सिलेबस 2026 (UPPSC PCS Syllabus 2026 in Hindi) को प्रारंभिक (Prelims) और मुख्य (Mains) परीक्षा के लिए आधिकारिक अधिसूचना के साथ ऑनलाइन जारी कर दिया है। उम्मीदवार यूपी पीसीएस परीक्षा का सिलेबस आयोग की आधिकारिक वेबसाइट uppsc.up.nic.in से डाउनलोड कर सकते हैं। यूपीपीएससी पीसीएस सिलेबस (UPPSC PCS Syllabus in Hindi) की सहायता से अभ्यर्थी विषयवार अध्ययन योजना तैयार कर सकते हैं, परीक्षा पैटर्न को बेहतर ढंग से समझ कर प्रभावी तैयारी रणनीति बना सकते हैं। यूपीपीएससी पीसीएस 2026 प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन 6 दिसंबर 2026 को किया जाएगा। आयोग ने यूपीपीएससी पीसीएस आवेदन पत्र 2026 भी अधिसूचना के साथ जारी किया।
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यूपीपीएससी पीसीएस परीक्षा के दोनों चरणों प्रारंभिक (Prelims) और मुख्य (Mains) के लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) द्वारा यूपीपीएससी पीसीएस सिलेबस 2026 (UPPSC PCS Syllabus 2026 in Hindi) जारी किया गया है। नवीनतम यूपीपीएससी पीसीएस सिलेबस 2026 के साथ-साथ अभ्यर्थियों को पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र (Previous Year Question Papers) और यूपीपीएससी पीसीएस परीक्षा पैटर्न 2026 का भी अध्ययन करना चाहिए। इससे परीक्षा के प्रश्नों के स्तर, पूछे जाने वाले विषयों और अंक वितरण को समझने में मदद मिलती है तथा बेहतर तैयारी रणनीति बनाई जा सकती है।
यूपीपीएससी पीसीएस (UPPSC PCS) का पूरा नाम उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (Uttar Pradesh Public Service Commission) प्रांतीय सिविल सेवा (Provincial Civil Services) है। इस परीक्षा का आधिकारिक नाम उत्तर प्रदेश संयुक्त राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा (Combined State/Upper Subordinate Services Examination) है। यह उत्तर प्रदेश सरकार की सबसे प्रतिष्ठित राज्य स्तरीय प्रशासनिक सेवा परीक्षाओं में से एक है, जिसके माध्यम से डिप्टी कलेक्टर, डिप्टी पुलिस अधीक्षक (डीएसपी), खंड विकास अधिकारी (बीडीओ), जिला पंचायत राज अधिकारी, सहायक आयुक्त, वाणिज्य कर अधिकारी सहित विभिन्न ग्रुप 'ए' और ग्रुप 'बी' पदों पर भर्ती की जाती है।
यूपीपीएससी पीसीएस चयन प्रक्रिया तीन चरणों में आयोजित की जाती है प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary Examination), मुख्य परीक्षा (Main Examination) और साक्षात्कार (Personality Test)। इन तीनों चरणों में सफल होने वाले अभ्यर्थियों का अंतिम चयन मेरिट के आधार पर किया जाता है। उम्मीदवारों को परीक्षा की तैयारी करते समय यूपीपीएससी पीसीएस पाठ्यक्रम 2026 (UPPSC PCS Syllabus 2026 in hindi) का अनुसरण करना चाहिए। यूपीपीएससी पीसीएस पाठ्यक्रम 2026 (UPPSC PCS Syllabus 2026 in hindi) के बारे में अधिक जानने के लिए लेख को पूरा पढ़ें।
इन्हें भी देखें-
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) द्वारा आयोजित यूपीपीएससी पीसीएस परीक्षा 2026 में तीन चरणों प्रारंभिक (Prelims), मुख्य (Mains) और साक्षात्कार (Interview) में होता है। ये सभी चरण ऑफलाइन मोड में आयोजित किए जाते हैं। आयोग की आधिकारिक अधिसूचना में यूपीपीएससी पीसीएस प्रीलिम्स और मेन्स सिलेबस को अलग-अलग जारी किया जाता है।
प्रारंभिक परीक्षा में सामान्य अध्ययन (General Studies) और सीसैट (CSAT) शामिल होते हैं। इसमें समसामयिक घटनाएं, इतिहास, भूगोल, भारतीय राजव्यवस्था, अर्थव्यवस्था, पर्यावरण, सामान्य विज्ञान तथा तार्किक क्षमता से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं।
मुख्य परीक्षा में वर्णनात्मक प्रश्न पूछे जाते हैं। इसमें सामान्य हिंदी, निबंध तथा सामान्य अध्ययन के छह प्रश्नपत्र शामिल होते हैं, जिनमें भारतीय इतिहास, संविधान, अर्थव्यवस्था, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, नैतिकता और उत्तर प्रदेश से संबंधित विषयों का गहन अध्ययन कराया जाता है।
यूपीपीएससी प्रिलिम्स परीक्षा में General Studies (GS) के दो प्रश्नपत्र पेपर I और पेपर II (CSAT) होते हैं। प्रारंभिक परीक्षा का उद्देश्य अभ्यर्थियों की बुनियादी समझ, करंट अफेयर्स ज्ञान और विश्लेषणात्मक क्षमता का परीक्षण करना होता है। इसमें मुख्य रूप से सामयिक घटनाएं, सामान्य विज्ञान, इतिहास, भूगोल, भारतीय राजनीति, अर्थव्यवस्था और मानसिक योग्यता से प्रश्न पूछे जाते हैं। इसके साथ ही सीसैट में गणित, रीजनिंग और कॉम्प्रिहेंशन आधारित प्रश्न शामिल होते हैं। यूपीपीएससी पीसीएस प्रिलिम्स सिलेबस के सारांश के लिए नीचे दी गई तालिका देखें।
सामान्य अध्ययन (General Studies) 1 | सामान्य अध्ययन 2 |
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सामयिक मामले | कॉम्प्रिहेंशन |
भारत का इतिहास भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन स्वतंत्रता आंदोलन भारतीय इतिहास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक पहलू राष्ट्रवाद का विकास स्वतंत्रता प्राप्ति | तार्किक तर्क (लॉजिकल रीजनिंग) |
भारतीय और विश्व भूगोल भारत का भौतिक, सामाजिक और आर्थिक भूगोल | निर्णय कौशल और समस्या-समाधान |
भारतीय राजव्यवस्था और शासन पंचायती राज संविधान राजनीतिक प्रणाली सार्वजनिक नीति अधिकार के मुद्दे, आदि | सामान्य मानसिक क्षमता |
आर्थिक और सामाजिक विकास सतत विकास सामाजिक क्षेत्र की पहल गरीबी समावेशन जैव विविधता जलवायु परिवर्तन, आदि। | कक्षा 10 तक की शुरुआती गणित अंकगणित ज्यामिति सांख्यिकी |
सामान्य विज्ञान भौतिक विज्ञान रसायन विज्ञान जीवविज्ञान | कक्षा 10 तक की सामान्य अंग्रेजी 1. Comprehension |
कक्षा 10 तक की सामान्य हिंदी हिंदी वर्णमाला संधि, समास क्रिया अनेकार्थी शब्द विलोम शब्द तत्सम, तद्भव, देशज, विदेशी शब्द रचना, वाक्य रचना, अर्थ शब्द रूप पर्यायवाची शब्द मुहावरे लोकोक्तियां आदि |
Quick links:
यूपी पीएससी पीसीएस पात्रता
यूपीपीएससी पीसीएस रिजल्ट
यूपीपीएससी पीसीएस एडमिट कार्ड
यूपी पीसीएस मुख्य परीक्षा विवरणात्मक प्रकृति की होती है। कुल 1500 अंकों की इस परीक्षा में आठ पेपर होते हैं। यूपीपीएससी पीसीएस मुख्य परीक्षा में प्रश्न सामान्य हिंदी, निबंध, सामान्य अध्ययन और वैकल्पिक विषयों से पूछे जाते हैं। यूपी पीसीएस मुख्य परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग नहीं की जाती है क्योंकि यह प्रकृति में वर्णनात्मक है। नीचे दी गई तालिका में यूपीपीएससी पीसीएस मेन्स के सिलेबस की जांच करें:
विषय | टॉपिक |
सामान्य हिंदी | शब्द ज्ञान एवं प्रयोग उपसर्ग एवं प्रत्यय प्रयोग विलोम शब्द वाक्यांश के लिए एक शब्द वर्तनी एवं वाक्य शुद्धि सरकारी एवं अर्धसरकारी पत्र लेखन दिए हुए गद्य का अवबोध एवं प्रश्नोत्तर संक्षेपण तार लेखन, कार्यालय आदेश अधिसूचना, परिपत्र लोकोक्ति एवं मुहावरे आदि। |
निबंध | सेक्शन - ए कला और संस्कृति सामाजिक राजनैतिक सेक्शन - बी विज्ञान, पर्यावरण और प्रौद्योगिकी अर्थशास्त्र कृषि, उद्योग और व्यापार सेक्शन - सी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाएं प्राकृतिक आपदा, सूखा, भूस्खलन, भूकंप, बाढ़ आदि। |
जीएस 1 | भारतीय संस्कृति का इतिहास, प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला रूपों, साहित्य और वास्तुकला के प्रमुख पहलू। स्वतंत्रता संग्राम स्वतंत्रता के बाद देश में सशक्तीकरण और पुनर्गठन (वर्ष 1965 तक) आधुनिक भारतीय इतिहास (सन् 1757 से 1947 तक) विश्व इतिहास भारतीय समाज और संस्कृति की प्रमुख विशेषताएं समाज और महिला संगठनों में महिलाओं की भूमिका उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण का अर्थ और अर्थव्यवस्था, राजनीति और सामाजिक संरचना पर उनके प्रभाव सामाजिक सशक्तीकरण, सांप्रदायिकता, क्षेत्रवाद और धर्मनिरपेक्षता। दुनिया के प्रमुख प्राकृतिक संसाधनों का वितरण भौतिक भूगोल की मुख्य विशेषताएं भारत के समुद्री संसाधन और उनकी क्षमता मानव पलायन जनसंख्या और बस्तियाँ उत्तर प्रदेश का विशिष्ट ज्ञान |
जीएस 2 | भारतीय संविधान - ऐतिहासिक आधार, विकास, विशेषताएं, संशोधन, बुनियादी संरचना, सर्वोच्च न्यायालय की भूमिका संघ और राज्यों के कार्य और जिम्मेदारियां केंद्र में वित्त आयोग की भूमिका - राज्य वित्तीय संबंध शक्तियों का विभाजन वैकल्पिक विवाद निवारण तंत्र का उदय और उपयोग। अन्य प्रमुख लोकतांत्रिक देशों के साथ भारतीय संवैधानिक योजना की तुलना संसद और राज्य विधानसभाएँ कार्यपालिका और न्यायपालिका की संरचना, संगठन और कार्यप्रणाली जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की मुख्य विशेषताएं। विभिन्न संवैधानिक पदों पर नियुक्ति, शक्तियां, कार्य और उनके उत्तरदायित्व। सांविधिक, विनियामक और विभिन्न अर्ध न्यायिक निकाय, इसमें नीति आयोग शामिल, उनकी विशेषताएं और कार्यप्रणाली विभिन्न क्षेत्रों और मुद्दों में विकास के लिए सरकार की नीतियां और हस्तक्षेप विकास की प्रक्रिया केंद्र और राज्यों द्वारा जनसंख्या के कमजोर वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएं गरीबी और भुखमरी से संबंधित मुद्दे, देश पर उनके निहितार्थ। शासन के महत्वपूर्ण पहलू लोकतंत्र में सिविल सेवाओं की भूमिका भारत और पड़ोसी देशों के साथ इसके संबंध द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और समझौते विकसित और विकासशील देशों की नीतियों और राजनीति प्रभाव महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं उत्तर प्रदेश का विशिष्ट ज्ञान क्षेत्रीय, राज्य, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व की वर्तमान घटनाएं और मामले |
जीएस 3 | भारत में आर्थिक नियोजन, उद्देश्य और उपलब्धियाँ नीति आयोग की भूमिका सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) का उद्देश्य गरीबी, बेरोजगारी के मुद्दे सामाजिक न्याय और समावेशी विकास सरकारी बजट और वित्तीय प्रणाली के घटक प्रमुख फसलें, विभिन्न प्रकार की सिंचाई और सिंचाई प्रणाली, कृषि उपज का भंडारण, परिवहन और विपणन, किसानों की सहायता में ई-तकनीक। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कृषि सब्सिडी और न्यूनतम समर्थन मूल्य से संबंधित मुद्दे सार्वजनिक वितरण प्रणाली भारत में खाद्य प्रसंस्करण और संबंधित उद्योग स्वतंत्रता के बाद से भारत में भूमि सुधार। अर्थव्यवस्था पर उदारीकरण और वैश्वीकरण के प्रभाव, औद्योगिक नीति में परिवर्तन और औद्योगिक विकास पर उनके प्रभाव। बुनियादी ढांचा विज्ञान और तकनीक विज्ञान और प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियां, प्रौद्योगिकी का स्वदेशीकरण आईसीटी और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, कंप्यूटर, ऊर्जा संसाधन, नैनो प्रौद्योगिकी, सूक्ष्म जीव विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में जागरूकता। आईपीआर और डिजिटल अधिकारों से संबंधित मुद्दे पर्यावरण सुरक्षा और पारिस्थितिकी तंत्र एक अपारंपरिक सुरक्षा और सुरक्षा चुनौती के रूप में आपदा, आपदा न्यूनीकरण और प्रबंधन। अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौतियां: परमाणु प्रसार, अतिवाद, संचार नेटवर्क, मीडिया और सामाजिक नेटवर्किंग की भूमिका, साइबर सुरक्षा, मनी लॉन्ड्रिंग और मानव तस्करी के मुद्दों की मूल बातें। भारत की आंतरिक सुरक्षा चुनौतियां कृषि, बागवानी, वानिकी और पशुपालन के मुद्दे यूपी के विशेष संदर्भ में कानून और व्यवस्था और नागरिक सुरक्षा। |
जीएस 4 | नैतिकता और मानव संपर्क रवैया सिविल सेवा के लिए योग्यता और मूलभूत मूल्य भावनात्मक बुद्धि भारत और दुनिया के नैतिक विचारकों और दार्शनिकों का योगदान लोक / सिविल सेवा मान और लोक प्रशासन में नैतिकता शासन में संभावना उपरोक्त मुद्दों पर केस स्टडी |
सामान्य अध्ययन-V (200 अंक) | उत्तर प्रदेश का इतिहास, संस्कृति, स्थापत्य, स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान, समाज, राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, जल शक्ति मिशन, समसामयिक घटनाएं |
सामान्य अध्ययन-VI (200 अंक) | उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था, उद्योग, सरकारी योजनाएं, निवेश, कर व्यवस्था, कृषि, वन, पर्यावरण, भूगोल, परिवहन, ऊर्जा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) |
उपयोगी लिंक
यूपी पीसीएस परीक्षा पैटर्न 2026 (UPPSC PCS exam pattern 2026 in hindi) यूपीपीएससी द्वारा यूपीपीएससी पीसीएस की आधिकारिक अधिसूचना के साथ जारी किया गया है। पीसीएस अधिसूचना के अनुसार यूपीपीएससी पीसीएस प्रीलिम्स में दो पेपर (200-200 अंकों के) होते हैं, इसमें गलत जवाब के लिए अंक काटे जाते हैं। जबकि यूपीपीएससी पीसीएस मेन्स का पूर्णांक 1500 होता है, इसमें 8 पेपर होते हैं जो स्वभाव से वर्णनात्मक होते हैं। नीचे दी गई तालिकाओं से यूपीपीएससी पीसीएस परीक्षा पैटर्न 2026 की जांच करें।
यूपीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा पैटर्न
पेपर | विषय | अधिकतम अंक | अवधि |
पेपर 1 | सामान्य अध्ययन 1 | 200 | 2 घंटे |
पेपर 2 | सामान्य अध्ययन 2 | 200 | 2 घंटे |
पेपर | विषय | अधिकतम अंक | अवधि |
पेपर 1 | सामान्य हिंदी | 150 | 3 घंटे |
पेपर 2 | निबंध | 150 | 3 घंटे |
पेपर 3 | सामान्य अध्ययन 1 | 200 | 3 घंटे |
पेपर 4 | सामान्य अध्ययन 2 | 200 | 3 घंटे |
पेपर 5 | सामान्य अध्ययन 3 | 200 | 3 घंटे |
पेपर 6 | सामान्य अध्ययन 4 | 200 | 3 घंटे |
पेपर 7 | वैकल्पिक विषय पेपर 1 | 200 | 3 घंटे |
पेपर 8 | वैकल्पिक विषय पेपर 2 | 200 | 3 घंटे |
यूपीपीएससी पीसीएस 2026 परीक्षा में सफलता के लिए सही रणनीति, नियमित अध्ययन और निरंतर अभ्यास सबसे महत्वपूर्ण हैं। चूंकि परीक्षा तीन चरणों प्रारंभिक, मुख्य और साक्षात्कार में आयोजित होती है, इसलिए शुरुआत से ही सभी चरणों को ध्यान में रखकर तैयारी करनी चाहिए। नीचे दिए गए तैयारी टिप्स आपकी अध्ययन योजना को अधिक प्रभावी बनाने में मदद करेंगे।
नवीनतम सिलेबस और परीक्षा पैटर्न को अच्छी तरह समझें तथा उसी के अनुसार विषयवार तैयारी शुरू करें।
दैनिक अध्ययन की समय-सारिणी (Study Plan) बनाएं और प्रत्येक विषय को निर्धारित समय दें।
एनसीईआरटी (NCERT) पुस्तकों से इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, विज्ञान और राजनीति की बुनियादी अवधारणाएं मजबूत करें।
मानक संदर्भ पुस्तकों का चयन करें और एक ही विषय के लिए कई किताबों से बचें।
समसामयिक घटनाओं (Current Affairs) का नियमित अध्ययन करें तथा उत्तर प्रदेश से जुड़ी योजनाओं, बजट, अर्थव्यवस्था और सरकारी पहलों पर विशेष ध्यान दें।
उत्तर प्रदेश विशेष (UP Special) विषयों जैसे इतिहास, भूगोल, संस्कृति, अर्थव्यवस्था और शासन की अलग से तैयारी करें।
पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र (PYQs) हल करें, ताकि प्रश्नों के स्तर और परीक्षा की प्रवृत्ति को समझ सकें।
नियमित मॉक टेस्ट दें और प्रत्येक टेस्ट के बाद अपनी गलतियों का विश्लेषण करके उनमें सुधार करें।
सीसैट (CSAT) को हल्के में न लें। गणित, रीजनिंग और कॉम्प्रिहेंशन का नियमित अभ्यास करें क्योंकि यह क्वालिफाइंग पेपर है।
मुख्य परीक्षा के लिए उत्तर लेखन (Answer Writing) का अभ्यास प्रारंभ से ही करें और निर्धारित शब्द सीमा में उत्तर लिखने की आदत विकसित करें।
निबंध और सामान्य हिंदी की नियमित तैयारी करें तथा लेखन कौशल को बेहतर बनाएं।
नियमित रिवीजन करें और छोटे-छोटे नोट्स तैयार करें, ताकि अंतिम समय में दोहराना आसान हो।
स्वास्थ्य और समय प्रबंधन का ध्यान रखें। पर्याप्त नींद, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम से एकाग्रता बनी रहती है।
सकारात्मक सोच और निरंतरता बनाए रखें तथा बिना अनावश्यक स्रोत बदलते हुए अपनी अध्ययन योजना का पालन करें।
महत्वपूर्ण प्रश्न:
पीसीएस प्री कितने नंबर का होता है?
पीसीएस प्री में 2 पेपर होते हैं तथा दोनों पेपर 200 अंकों के होते हैं।
यूपीपीसीएस में कितने सब्जेक्ट होते हैं?
यूपीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में दो पेपर होते हैं तथा तथा मुख्य परीक्षा में कुल 8 पेपर होते हैं। जिसमें से 1 भाषा का पेपर, एक निबंध का, 4 सामान्य अध्ययन के तथा 2 उत्तर प्रदेश से संबंधित विषय के पेपर होते हैं।
पीसीएस में कितने पेपर होते हैं?
पीसीएस परीक्षा कुल 1500 अंकों की होती है तथा इस परीक्षा में आठ पेपर होते हैं। यूपीपीएससी पीसीएस मुख्य परीक्षा में प्रश्न सामान्य हिंदी, निबंध, सामान्य अध्ययन और वैकल्पिक विषयों से पूछे जाते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
हां, यूपीपीएससी पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा में नकारात्मक अंकन किया जाता है।
अनारक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए UPPSC आवेदन पत्र शुल्क 125 रुपये है।
यूपी पीसीएस परीक्षा में तीन चरण हैं। वे इस प्रकार हैं:
प्रारंभिक
मुख्य
साक्षात्कार
यूपीपीएससी पीसीएस 2026 की अधिसूचना आयोग द्वारा 25 जून को जारी की गई। आधिकारिक सूचना और सिलेबस की जानकारी लेख में दी गई है।
On Question asked by student community
Hello aspirant,
One of the most well-liked state civil service examinations in the nation is the UPPSC PCS test. The UPSC IAS test pattern is now more similar to the UP PCS exam pattern thanks to changes made by the UPPSC in recent years. Every year, thousands of candidates take
Hello aspirant,
In the official notification, UPPSC made reference to the UPPSC PCS 2023 qualifying requirements. Before submitting the UPPSC PCS 2023 application form, candidates who wish to sit for the UP PCS exam must be eligible according to the UP PCS eligibility requirements. The UPPSC PCS 2023 eligibility requirements
Hello,
Yes. You may write your optional paper in English while completing the remaining papers in Marathi or Hindi, two additional acceptable languages.
A candidate may choose to respond to each question paper in either English or one of the languages listed in the Eighth Schedule to the Constitution of
Dear aspirant,
As you mentioned your query let me tell you that on a general basis not a single conducting body rejects just on the basis of photograph.
They will intimate you by mail or sms to upload the new photograph with corrects dimensions and size and check it accordingly.
Hello Candidate,
You need to do is check if the Community that you belong to in UP SC Category also falls under SC Category in Delhi. Because some times SC Communities list differs from State to State. If your Category from Delhi also falls under UP SC Community list, then
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